'श्री पंचमि' क दिन नाक - कान छेड़णक रिवाज


       बसंत पंचमी त्यार कैं गौं-घरौं पन 'श्री पंचमि' नामल लै पुकारी जां।  य परबी बसंत ऋतु उणक निशाणि छु। माघ क महैण शुक्ल पक्ष क दिन पुश्तों बै पुर कुमाऊं में य त्यार मनाते उणई। य दिन खेतों बै जौ क हरी पात नानतिन, ज्वान, बुढ़ ख्वार में धरनी और गोरूक गुबर और लाल माट कै सानि बेर द्याव-मोहरिक चौखटों में जौ क हरी पात चिपकूनी व मंदिर में चढूनी। पिङव रङक रूमाव रंङि बेर नानतिनों कैं दिई जां। य दिन बै बैठ होलि क लैै शुरूवात है जैं। क्वे-क्वे इलाकों मेंं सैणी य दिन सुहाग क रक्षा क लिजी बरत लै धरनी।
        य शुभ परबी क दिन छ्योड़ियोंक नाक-कान छेड़ण क लै रिवाज हमर कुुुमूं में छु।
      य त्यार हिंदू त्यार हुणक वजैल उत्तर- दक्षिण भारत समेत नेपाल, बंग्लादेश व हौर देशों में लै मनाई जां। य परबी विद्या, वाणी क देबि सरस्वती कैं याद करणक लै छु। य दिन माता सरस्वती क पुज करी जैं।
     
 अलीबेर य त्यार १६ पैट माघ क महैैैण( ३० जनवरी २०२०)  हुं छु। 
आपूं सबों कैं य शुभ परबी बसंत पंचमीक खूब बधाइ, नई ऋतु में भल मन हो,  नई कल्ल फूटनै रवो , सरस्वती माता क आशीष हमूकैं मिलनै रवो... 💐 



                                         (सब फोटक नैट बै जुटाई हुई) 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

कुमाऊँ के मंदिरों में प्रणय और कामसूत्र की नक्काशी - Lalit Tulera

फोटो निबंध : बद्रीनाथ मंदिर की काष्ठकला : हिमालयी शिल्प परंपरा की अनूठी झलक Woodcarving of Badrinath: A Unique Glimpse into the Himalayan Craft Tradition- Lalit Tulera

'हुलेरिया' वंश वृक्ष : ग्राम- सुराग ( मल्ला) जिला- बागेश्वर - ललित तुलेरा Huleriya Genealogy, Vill- Surag, Distt.-Bageshwar- Lalit Tulera

कुमाउनी विवाह निमंत्रण कार्ड, कुमाउनी ब्याक न्यूत कार्ड Kumaoni marriage invitation card- Lalit Tulera

कुमाउनी भाषा में इस वर्ष (2026) की 07 लेखन पुरस्कार योजनाएं

डाकघट का संक्षिप्त इतिहास ( A Brief History of DANKGHAT)- ललित तुलेरा Lalit Tulera

कुमाउनी व्याकरण लेखन का इतिहास- History of Kumauni grammar writing- Dr. Dev singh Pokhariya and Lalit Tulera

'किरमोलिया' वंशवृक्ष : ग्राम- सिमखेत, जिला- बागेश्वर ( उत्तराखंड ), KIRMOLIYA family tree, Vill- Simkhet, District - Bageshwar (Uttarakhand)- Lalit Tulera

कुमाउनी कोशविज्ञान का इतिहास The History of Kumauni Lexicography - Dr. Dev Singh Pokhariya and Lalit Tulera

बिहार की विश्वप्रसिद्ध ‘मधुबनी’ पेंटिंग के साथ उत्तराखंड की ‘ऐपण’ कला को नया आयाम दे रही हैं जया डौर्बी