कुमाउनी सिखाने और सँवारने वाली दो महत्त्वपूर्ण पुस्तकें

    

(यो बीच कुमाउनी में द्वी खाश किताब सामणि ऐ रईं। 'कुमाउनी भाषा' और 'आओ कुमाउनी सीखें' । यों दुैवै किताबोंकि समीक्षा करि रै 'पहरू' कुमाउनी पत्रिका उप संपादक ललित तुलेरा द्वारा।)

 कुमाउनी भाषाक ब्याकरण पर कम काम है रौ और यैकै वजैल किताब लै कम देखां भईं। य तरफ कुछेक भाषा बिज्ञानियोंल आपणि कुछेक किताबन में छुटपुट जानकारी दि रै पर कुछेक किताब ब्याकरण पर लेखी रईं। जनूमें डॉ. भवानीदत्त कांडपाल ज्यूक 'कुमाउनी का संस्कृतमूलक व्याकरण, भाषा विज्ञान और साहित्य',  डाॅ. जगत सिंह बिष्ट ज्यूक ‘कुमाउनी की अस्कोटी बोली का व्याकरण’ (2007 ई.), डाॅ. सुरेश पंत ज्यूकि ‘कुमाउनी क्रियापदों की पड़ताल’ (2018 ई.), हेमा हर्बोला और योगेश पंत द्वारा 'कुमाउनी पहाड़ी बोली' (2018 ई.), चंद्रशेखर पाठक ज्यूक 'कुमाउनी शब्द संरचना' (2019ई.), पूरन चंद्र कांडपाल ज्यूकि ‘कुमाउनी भाषाक ब्याकरण’ (2020 ई.) कुछ खास छन। कुमाउनी ब्याकरणै क्षेत्र में काम करणी बिद्वानों में कुछ खास नाम- डाॅ. भवानी दत्त उप्रेती, डाॅ. केशवदत्त रुवाली, डाॅ. त्रिलोचन पांडे, डाॅ. नारायण दत्त पालीवाल, डॉ. चंद्रशेखर पाठक, डॉ. शेर सिंह बिष्ट, डाॅ. देव सिंह पोखरिया आदि छन।

      अलीबेर ‘कुमाउनी भाषा’ नामल डाॅ. पूरन चंद्र जोशी (लखनऊ) ज्यूकि किताब छपि रै। य किताब में चौंतीस पाठ छन जनूमें कुमाउनी भाषाक बार में बिस्तारल चर्चा छु। पैंल पाठ में कुमाउनीक उत्पत्ति और बिकासक बार में जानकारी मिलें। जमें पत्त चलूं कि कुमाऊंक जाधेतर भाषा बिद्वान ‘शौरसैनी अपभ्रंश’ बै मध्य पहाड़ी भाषानक उत्पत्तिक समर्थन करनी। अघिलाक अध्यायों में कुमाउनी ब्याकरण पर बिस्तारल जानकारी दिई छु, जनूमें कुमाउनी वर्ण, कुमाउनी शब्द, सर्वनाम, बिशेषण, क्रिया, उपसर्ग, प्रत्यय, पर्यायवाची, अनेकार्थी शब्द आदि व्याकरणिक इकाई पर जानकारी दी रै।
भाषा विज्ञानक बिषय- ध्वनि परिवर्तन और अर्थ परिवर्तन पर लै काम करि रौ। यैक अलावा कएक अध्यायों में कुमाउनीक भाषाक शब्दावली पर बिशेेष जानकारी दिई छु। किताब में कुमाउनीक मानकीरण पर लै चर्चा छु। लेखार कूनी कि कुमाउनीक मानक रूप हुणै चैं और उ ‘खसपर्जिया‘ बोलि कैं हुण चैं, जै पर जाधेतर बिद्वान लै सहमत छन। किताबक एक अध्याय कुमाउनी लोक साहित्य और संस्कृति पर लै लेखी छु।

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     कुमाउनी भाषा
  - डाॅ. पूरन चंद्र जोशी
● प्रथम संस्करण- 2024
● कीमत- 650/- रूपैं
● पेज- 532
● प्रकाशक- अंकित प्रकाशन, हल्द्वानी (उत्तराखंड)
मो.- 8191032884, 9415435125
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         आंखिरकार य किताब एक भाषा रूप में कुमाउनी ब्याकरणकि बिशेषताओं कैं उजागर करणी शानदार जानकारी दिणी किताब छु। लेखार डाॅ. पूरन चंद्र जोशी द्वारा लेखी यो किताब कुमाउनी भाषा बिज्ञान में रुचि धरनेर शोधार्थी, अध्येता और जनता लिजी काम आलि और हमरि कुमाउनीक सज-समाव करण में कामकि साबित होलि, यसि आस छु। ■■■



२. 

       डाॅ. नागेश कुमार शाह (लखनऊ) ज्यूल कुमाउनी सिखूणै लिजी एक किताब लेखि रै। 'आओ कुमाउनी सीखें' किताब कुमाउनी भाषा सिखूणी शुरूवाती किताबों में छु। य है पैंली बै कुमाउनी सिखूणै लिजी या्स किताबोंकि जरवत चिताईछी। पूरन चंद्र कांडपाल ज्यूल लै ‘हमरि भाषा हमरि पछयाण’ (2019  ई.) नामलि कुमाउनी सिखूणी किताब छपि रै।
       य किताबकि खासियत छु कि यमें तीन भाषा हिंदी-अङरेजी-कुमाउनी एक दगाड़ सिखण हुं मिलनी। किताब बीस अध्यायों में बांटी छु। पैंल पाठ में कुमाउनी सर्वनाम व क्रिया 22 शब्द दिई छन। दुसर पाठ में प्रश्नवाचक वाक्य छन, तिसर पाठ में शिष्टाचार बै जुड़ी शब्द और वाक्य छन, चैथूं पाठ में
भावों कैं ब्यक्त करणी शब्द, पचूं, छठूं और सतूं पाठों में कुमाउनी व्याकरण बै जुड़ी शब्दोंकि चर्चा छु। अठूं पाठ में ‘के’, ‘को’,‘कसिक’, ‘कस’, ‘कधिन’, ‘कां’,‘किलै’ शब्दों पर प्रश्नवाचक वाक्य बणाई छन। नवूं व दसूं पाठ कुमाउनी कारकों बार में छन। इग्यार, बार व तेरूं पाठ कुमाउनी क्रिया शब्दों पर छन। चैदूं पाठ में कुमाउनी विशेषण शब्दों बार में छु। पनरूं पाठ में अलग-अलग बिषयों पर केन्द्रित शब्दावलियों बार में छु।
सोलूं पाठ में कुमाउनी में अलग-अलग ‘बास’ लिजी अलग-अलग शब्द दिई छन।

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आओ कुमाउनी सीखें
- डाॅ. नागेश कुमार शाह
प्रथम संस्करण- 2023
कीमत- 200/- रूपैं
पेज- 125
प्रकाशक- न्यू आस्था प्रकाशन, लखनऊ
मो.- 9450077665
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     सतरूं पाठ में मनोभावों लिजी इस्तमाल हुणी शब्दोंकि जानकारी दिई छु। अठारूं पाठ में कुमाउनी सिखनेरूं लिजी 126 कहावत व मुहावरा दिई छन। जस-
कहावत छन- 1.आपण खुट जाण पराय खुट ऊण, 2. जां कुकुड़ नि बासन वां रात जै कि नि ब्यानि। मुहावरा छन- 1. कौतिक करूण, 2. खाप खा्ण। उनीसूं पाठ में अनेकार्थी शब्द दिई छन। बीसूं पाठ में एक अक्षर वा्ल कुमाउनी शब्दोंक बार में जानकारी छु।
        य किताब कुमाउनी सिखणै लिजी उपयोगी किताब छु। य किताब कुमाउनी सिखनेरों लिजी भौत उपयोगी किताब छु। उमीद छु य किताब कुमाउनी सिखण में भौत काम आलि।
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